Site icon Allindiafreetest.Com

Passive Euthanasia क्या है? भारत में कानून और नियम

Euthanasia Law in India : भारत में इच्छामृत्यु (Euthanasia) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में पैसिव इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दी, जिससे इस संवेदनशील विषय पर लोगों की रुचि और बढ़ गई है। यह फैसला ऐसे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो लंबे समय से कोमा या गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और जिनके ठीक होने की संभावना बहुत कम होती है।

इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि इच्छामृत्यु (Euthanasia Law in India Explained in Hindi) क्या होती है, इसके प्रकार कौन-कौन से हैं, भारत में इसका कानून क्या कहता है और दुनिया के किन देशों में इसे अनुमति दी गई है।

इच्छामृत्यु (Euthanasia) क्या होती है?

इच्छामृत्यु वह प्रक्रिया है जिसमें किसी गंभीर रूप से बीमार या असहनीय पीड़ा से गुजर रहे मरीज की इच्छा या उसके परिवार की सहमति से जीवन को समाप्त करने की अनुमति दी जाती है। आमतौर पर यह तब विचार किया जाता है जब मरीज के ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं होती और वह लंबे समय से मशीनों या दवाओं के सहारे जीवित रहता है।

इसका मुख्य उद्देश्य मरीज को असहनीय दर्द और कष्ट से राहत दिलाना होता है।

इच्छामृत्यु के प्रकार (Types of Euthanasia)

एक्टिव इच्छामृत्यु (Active Euthanasia) : इस प्रकार में मरीज को ऐसी दवा या इंजेक्शन दिया जाता है जिससे उसकी मृत्यु जल्दी हो जाती है। अधिकांश देशों में यह अवैध है क्योंकि इसमें सीधे जीवन समाप्त करने की प्रक्रिया शामिल होती है।

पैसिव इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) : पैसिव इच्छामृत्यु में मरीज को दिए जा रहे इलाज या लाइफ सपोर्ट सिस्टम (जैसे वेंटिलेटर) को हटाया या बंद किया जाता है। इसके बाद प्राकृतिक रूप से कुछ समय में मृत्यु हो जाती है। कई देशों में इसे सख्त नियमों के तहत अनुमति दी गई है।

भारत में इच्छामृत्यु पर कानून

भारत में इच्छामृत्यु पूरी तरह से कानूनी नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी है।

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा था कि यदि कोई मरीज लंबे समय से लाइलाज बीमारी या कोमा में है और उसके ठीक होने की संभावना नहीं है, तो मेडिकल बोर्ड की अनुमति के बाद लाइफ सपोर्ट हटाया जा सकता है।

भारत में पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति के लिए जरूरी शर्तें:

दुनिया के किन देशों में इच्छामृत्यु कानूनी है?

दुनिया के कई देशों में इच्छामृत्यु को लेकर अलग-अलग कानून बनाए गए हैं।

जहां इच्छामृत्यु कानूनी है

इन देशों में सख्त नियमों और शर्तों के साथ इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाती है।

स्विट्ज़रलैंड में अलग नियम

स्विट्ज़रलैंड में Assisted Suicide (सहायता प्राप्त आत्मनिर्णय) की अनुमति है। इसमें कोई व्यक्ति कानूनी रूप से दूसरे व्यक्ति की मदद कर सकता है, लेकिन इसमें किसी प्रकार का निजी लाभ नहीं होना चाहिए।

अमेरिका में स्थिति

अमेरिका के कुछ राज्यों जैसे कैलिफोर्निया, ओरेगन, वॉशिंगटन और वर्मोंट में सीमित परिस्थितियों में अनुमति दी गई है।

जहां अभी भी विवाद जारी है

इन देशों में इच्छामृत्यु अभी भी पूरी तरह कानूनी नहीं है या इस पर बहस जारी है।

निष्कर्ष : इच्छामृत्यु एक संवेदनशील और गंभीर विषय है, जो कानून, नैतिकता और मानव अधिकारों से जुड़ा हुआ है। भारत में केवल पैसिव इच्छामृत्यु को सीमित परिस्थितियों में अनुमति दी गई है, जिससे ऐसे मरीजों को राहत मिल सके जो लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

आने वाले समय में इस विषय पर और स्पष्ट कानून बनने की संभावना है, क्योंकि मेडिकल साइंस और मानव अधिकारों को लेकर दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही है।

Exit mobile version