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Swami Vivekananda’s Storyline in Hindi | Shikago Speech by Vivekananda’s

स्वामी विवेकानंद Swami Vivekananda (1863-1902)

स्वामी विवेकानंद का जन्म जनवरी माह के 12 तारीख को 1863 में कोलकाता में हुआ था तथा स्वामी विवेकानंद के बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त बताया जाता है | अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित विश्व धर्म शिखर सम्मेलन में भारत की तरफ से हिस्सा लिये और भारत को एक सार्वभौमिक पहचान दिलवाई | रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वामी विवेकानंद के बारे में एक भी का विचार प्रकट किया और इस विचार में उन्होंने यह कहा कि ” यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो विवेकानंद को पढ़िए |”

स्वामी विवेकानंद के बारे में

स्वामी विवेकानंद के गुरु का नाम रामकृष्ण परमहंस था और उन्होंने नरेंद्रनाथ दत्त से स्वामी विवेकानंद नाम रखा |स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ समाज सुधारक थे | स्वामी विवेकानंद ने समाज सेवा करने के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की | आज इस लेख में हम उनके अनमोल विचारों ( Swami Vivekananda Quotes in Hindi ) को आपतक पहुंचाएंगे |

Swami Vivekananda’s Quotes 

“उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए |”

– स्वामी विवेकानंद के विचार 

स्वामी विवेकानंद के विचार ( Swami Vivekananda’s Quotes in Hindi ) 

“खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है |”

“सत्य को हजार तरीको से बताया जा सकता है परन्तु सत्य एक ही होगा |”

स्वामी विवेकानंद – “ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी है एवं वो हम ही हैं जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है |”

“संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है असंभव से भी आगे निकल जाना |”

ऐसी महान सोच वाले व्यक्ति थे स्वामी विवेकानंद जिन्होंने अपने अध्यात्म और धार्मिक ज्ञान के बल पर समस्त मानव जीवन के लिए अपने महान विचारों को दिया |

स्वामी विवेकानंद के बारे में मैं चाहूं तो इतना लिख सकता हूं जो आपको पूरा पढ़ने में 3 से 4 दिन लग जाएंगे इसलिए मैं आपको एक पीडीएफ फाइल दे रहा हूं जिसे पढ़ने के बाद आपके मन से सभी भ्रम एवं शंकाएं मिट जाएंगी और आप अपने लक्ष्य को आसानी से पा सकेंगे |

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