UDISE Report 2019-2020 | Current Affairs in Hindi PDF | allindiafreetest Current Affairs | gktoday

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Current Affairs in Hindi 

हाल ही में UDISE रिपोर्ट 2019-20 जारी की गयी है इसे किसने जारी किया है ?

A. राजनाथ सिंह 

B. नरेंद्र सिंह तोमर 

C. रमेश पोखरियाल निशंक 

D. इनमें से कोई नहीं 

Answer : C. रमेश पोखरियाल निशंक 

Important Points ( महत्वपूर्ण बिंदु )

  • हाल ही में केंद्रीय रमेश पोखरियाल निशंक ने UDISE की रिपोर्ट वर्ष 2019-2020 जारी की है |
  • UDISE का पूरा नाम Unified District Information System for Education Plus है.
  • उद्देश्य – भारतीय स्कूली शिक्षा प्रणाली के बारे में एक सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए UDISE + रिपोर्ट जारी की जाती है.
  • UDISE प्लस रिपोर्ट भारत में सरकारी और निजी स्कूलों की शिक्षा में कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षा में मानकों  का मापन करने में मदद करता है. इतना ही नहीं गौरतलब है की रिपोर्ट में, स्कूली शिक्षा प्राथमिक स्तर से उच्च माध्यमिक स्तर पर 2019-2020 में कुल नामांकन की संख्या सबसे अधिक पायी गयी यें लगभग 09 करोड़ था जो कि अपने आप में काफी मायने रखता है.
  • आपको बता दें कि इसका मुख्य उदेश्य डेटा प्रविष्टि में तेजी लाने, त्रुटियों में कमी करने के अलावा डेटा गुणवत्ता में सुधार तथा इसका सत्यापन आसान बनाने के लिए लाँच किया गया था हालांकि ये अलग बात है कि यह UDISE का एक उन्नत संस्करण कहा जा सकता है जिसे 2012-2013 में प्राथमिक शिक्षा के लिए कोड DISE एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए कोड SEMIS के रूप में एकीकृत करके लांच किया गया ताकि सुधार हो सके.
  • गौरतलब है कि लड़कों का नामांकन 01 करोड़ जबकि लड़कियों के नामांकन की बात करें तो 12.08 करोड़ देखा गया. यही वर्ष 2018-2019 के आंकड़ों की तुलना में नामांकन 26 लाख अधिक है या कहा सकते है कि 26 लाख वृद्धि पायी गयी है.
  • यही वर्ष 2019-20 में प्री-प्राइमरी से हायर सेकेंडरी तक स्कूली शिक्षा में करीब 45 करोड़ छात्रों का नामांकन पाया गया जबकि वर्ष 2018-2019 की तुलना में इसकी संख्या लगभग 42.3 लाख अधिक पायी गयी.
  • अगर छात्र और शिक्षक के अनुपात की चर्चा करें तो अनुपात “किसी दिए गए स्कूली वर्ष में शिक्षा विशिष्ट स्तर पर पढ़ाने वाले प्रति शिक्षक और विद्यार्थियों की औसत संख्या” के रूप में व्याख्या किया गया है. आपको बता दें कि इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2012-2013 की तुलना में इस साल यानि कि वर्ष 2019-2020 में स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर छात्र और शिक्षक अनुपात में वृद्धि पायी गयी है. सभी पहलुओं के देखने के बाद रमेश पोखरियाल निशंक ने इस रिपोर्ट को जारी किया जिसका विशेष महत्व और इस जानकारी को आपसे हमने साझा किया |

जय हिन्द.