विश्व जनसंख्या दिवस पर निबंध 2021 | World Population Day Essay in Hindi | Speech Slogns Theme Quotes in Hindi

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विश्व जनसंख्या दिवस पर निबंध 2021 | World Population Day Essay in Hindi

विश्व जनसंख्या दिवस प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है | जनसंख्या वृद्धि के कारण होने वाली समस्याओं और उसके निदान के लिए दुनिया भर में “विश्व जनसंख्या दिवस” (World Population Day) मनाया जाता है | इस दिन एक विशेष theme पर कार्य करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है | विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भविष्य की चिंताओं और पर्यावरण पर प्रभाव को कम करने के उद्देश्य होता है और लोगों को जागरूक बनाने के लिए एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए विशेष महत्त्व देतें हैं | आपको बता दें कि इस लेख में हम जनसंख्या वृद्धि समस्या के कारण व उसके समाधान एवं विश्व जनसंख्या दिवस 2021 निबंध (World population day essay in Hindi speech, slogans, थीम, world population reasons in hindi) प्रकासित कर रहे हैं |

विश्व जनसंख्या दिवस निबंध 2021 (World population day essay)

आज बढ़ती जनसंख्या हर देश के लिए कई परेशानी का कारण बन गयी है क्योंकि जनसंख्या के बढ़ने से गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याएं चरम पर हैं, संसाधन भी सीमित हैं इसलिए लोगों की पहुँच से धीरे – धीरे दूर होते जा रहे हैं।
जनसंख्या से यह तात्पर्य है कि किसी एक सीमित क्षेत्र मे रहने वाले व्यक्तियो की संख्या यदि आवश्यकता से अधिक हो जाए, तो उसे जनसंख्या वृद्धि कहते हैं। हालांकि अब सवाल यह है कि यह कैसे पता चलेगा कि किस स्थान या जगह की जनसंख्या अधिक है ? और जनसंख्या वृद्धि पर रोक कैसे लगाए ? तो आपको बता दें इसका उत्तर भी साफ है, जब किसी क्षेत्र के युवाओ के लिए आमदनी और संसाधन (अवश्यकता की वस्तुएं) कम मतलब इसका अर्थ है उस क्षेत्र के लोगों को नौकरी के लिए भटकना पड़े या किसी परिवार को अपनी दो वक़्त की रोटी के लिए अत्याधिक परिश्रम करने हों और फिर भी उन्हें भूखमरी और बेरोजगारी जैसी समस्या से गुजरना पड़े तो निश्चित ही वहा की जनसंख्या आवश्यकता से अधिक हो रही है या हो गयी है । जनसंख्या से होने वाली समस्या को कम कैसे करें और लोगों को जागरूक बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nation Development Program) या UNDP के द्वारा पहली बार इसकी शुरुआत 1989 में हुई, इस समय विश्व की जनसंख्या लगभग 5 अरब थी।

विश्व जनसंख्या दिवस कब है 2021 ( Celebrate’s Date, World Population Day in 2021)

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2021 को मनाया जायेगा और प्रति वर्ष इसकी नई नई थीम भी रखी जाती है। पहली बार 11 जुलाई 1987 को मनाया गया था इसका मुख्य उदेश्य वैश्विक जनसंख्या मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाना है एवं लोगों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, गरीबी के महत्व जैसे विभिन्न मुद्दों के बारे में समाज में समझ को विकसित करना है। यूं कहे तो पृथ्वी पर अनेक प्रकार के संसाधनों की उपलब्धता है परन्तु इस जनसंख्या के आगे यें कुछ भी नहीं हैं, हम इन संसाधनों को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं क्योंकि जनसंख्या अधिक हो जाने के कारण चिंताये बनी रहती हैं।
आपको बता दें कि सितम्बर 2016 तक की विश्व में जनगणना को देख कर यें समझ विकसित हो सकती है कि आज दुनिया में 7,342,686,578 लोग हैं और इनमें कुछ ऐसे देश भी हैं जिनकी जनसंख्या बहुत अधिक है और निरंतर बढ़ रही हैं। लगभग 1,373,541,278 जनसंख्या चीन में अर्थात चीन दुनिया में पहला स्थान रखता हैं जनसंख्या के मामले में और भारत 1,266,883,598 जनसंख्या के साथ विश्व में दूसरे स्थान पर है हालांकि ये आंकड़े थोड़े पुराने ज़रूर हैं लेकिन इससे वर्तमान स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता हैं कि जनसंख्या विस्फोट में भारत ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है परन्तु अब मुख्य विषय यह है कि वैश्विक स्तर पर जनसंख्या पर नियंत्रण कैसे कर सकते हैं, इसके लिए हम प्रतिवर्ष population day के रूप में मानते हैं |इस दिन को मनाने का सुझाव डॉक्टर केसी जैक्रियाह (Dr KC Zachariah) के द्वारा दिया गया था और इन्होने दुनिया को जागरूक करने के लिए यह बताया कि जनसंख्या 5 बिलियन तक पहुंच गयी है और इस समय यें वर्ल्ड बैंक में एक सीनियर डेमोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे और यही से विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा |

विश्व जनसंख्या दिवस कैसे मानते हैं (How’s to Celebrate World’s Population Day)

विश्व जनसंख्या दिवस (world population day 2021) मनाने के लिए दुनिया भर के देशों में 11 जुलाई को अलग अलग प्रकार से लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करना एवं जनसंख्या वृद्धि के कारण स्वास्थ सम्बन्धित समस्याएं भी बढ़ रही हैं तथा दुनिया भर में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर में बढ़ोतरी देखा गया हैं, प्रति दिन लगभग 800 महिलाएँ बच्चे को जन्म देते समय मर जाती हैं इस तरह हर साल विश्व जनसंख्या दिवस मनाने से लोगों में प्रजनन सम्बन्धित जानकारियों के प्रति जागरुकता लायी जाये इसके लिए विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विश्व भर में कई तरह के इवेंट्स का भी आयोजन किया जाता है जिनमें वाद-विवाद, शैक्षिक कार्यक्रम, जानकारिया देने के लिए स्कूल में प्रोग्राम चलाये जाते हैं और स्टूडेंट नाटको के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हैं।

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण एवं उपाय (Reasons of population growth in India)

भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण का पता लगाना है तो आप इस बात से पता लगा सकते हैं कि भारत विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं कहना क्या चाह रहा हूं | जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण यह है कि भारत के ज्यादातर लोग अशिक्षित एवं अंधविश्वासी हैं और उनकी सोच कुछ इस प्रकार है उनका मानना है कि परिवार में जितने अधिक लोग कमाने वाले होंगे परिवार की आमदनी उतनी ही अधिक होगी जो कि बिल्कुल गलत है उनको इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं है कि परिवार की आमदनी पड़ेगी तो खर्च भी तो बढ़ेगा उनके लिए संसाधनों की जरूरत भी तो अधिक होगी खाने के लिए खाना, रहने के लिए घर एवं उनकी जरूरतों को पूरा कैसे कर पाएंगे इतना ही नहीं उनके द्वारा प्रकृति और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है इसके बारे में भी विचार नहीं कर पा रहे हैं।
आज पूरी दुनिया कोरोना से लड़ रही है भारत की जनसंख्या अधिक होने के कारण यहां लोगों को वैक्सीन तक नहीं मिल पा रहा है इतना ही नहीं करोना के दौरान ज्यादातर लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल पाए, कहीं ऑक्सीजन नहीं मिला, तो कहीं मरने वाले लोगों की चिंताएं चलाने के लिए स्थान नहीं मिल पाया इससे बड़ी समस्या क्या देखी जा सकती है। इस लेख के माध्यम से मैं आप लोगों तक यह बात पूछना चाह रहा हूं कि कृपया आप लोग इस पोस्ट को शेयर करें जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो आपका एक शेयर हजारों लोगों की जिंदगियां बचा सकता है और हम एक बेहतर भविष्य की कामना भी कर सकते हैं। जनसंख्या का नियंत्रण कर पाना हमारे हाथों में हैं, हम चाहे तो कम बच्चा पैदा कर सकते हैं फिर देर क्यों करना, लोगों को जागरूक करना ही पड़ेगा।
भारत में बढ़ती जनसंख्या का एक कारण यह भी है कि कम उम्र में शादी कर दी जाती है जिससे कम उम्र में बच्चा पैदा करना महिला के लिए एक बड़ी चुनौती भी होती है क्योंकि कम उम्र में गर्भाशय का विकास अधिक ना होने के कारण कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं और जनसंख्या बढ़ाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका भी होती है क्योंकि कम उम्र में शादी करने के बाद बच्चे अधिक पैदा करते हैं हालांकि वो जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण बन जाते हैं। जनसंख्या वृद्धि को रोकना है तो सबसे पहले सरकार को लोगों को यह प्रयास करना चाहिए कि अधिक से अधिक शिक्षा का प्रचार प्रसार किया जाए, गांव में शिक्षा की महत्वता की जरूरत है लोगों को जागरूक करना होगा और उन्हें भविष्य में होने वाली समस्याओं के बारे में भी बताना होगा | बाल विवाह पर पूर्णत: रोके ही लगा देना होगा और अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसे दंड देना चाहिए जिससे समाज में एक समझ विकसित हो सके आइए जनसंख्या निवारण कुछ कारणों पर हम चर्चा भी करते हैं।

जनसंख्या वृद्धि के कारण होने वाली समस्याएं (Problems due to Growth in Population)

जनसंख्या वृद्धि के कारण होने वाली समस्याओ के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहें हैं –

मानव जीवन की समस्या

जनसंख्या वृद्धि के कारण मानव जीवन प्रभावित होता है क्योंकि यदि जनसंख्या अधिक होती हो तो मानव के द्वारा निर्मित अपशिष्ट पदार्थ प्रकृति को भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाते हैं और यदि ऐसा होता रहा तो वायुमंडल में ऑक्सीजन की कमी होने लगेगी। मानव निरंतर रूप से विकास कर रहा है और नए नए तकनीकी के साधनों का आविष्कार कर रहा है इन अविष्कार के फल स्वरुप अनेक प्रकार की कैसे निकलती हैं या तो उन तकनीकी साधनों के माध्यम से अनेक प्रकार की किरणें निकलती हैं जिनमें से कुछ किरणें ऐसी होती हैं जो मानव जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकती हैं इसलिए मानव जीवन को बचाने के लिए हमें पर्यावरण को शुद्ध रखना होगा।

बेरोजगारी की समस्या

आज भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें से बेरोजगारी एक महत्वपूर्ण समस्या है। बेरोजगारी की समस्या किसी देश में सभी आती है जब उस देश की जनसंख्या, वहां के रोजगार से अधिक हो तो ऐसी स्थिति में बेरोजगारी की समस्याएं उत्पन्न हो ही जाती हैं। अगर बेरोजगारी की समस्या को खत्म करना है तो सबसे पहले हमें जनसंख्या पर नियंत्रण करना होगा और उनकी शिक्षा भी विकसित करनी होगी तथा रोजगार संबंधी शिक्षाएं देना होगा।

भुखमरी की समस्या

जैसा कि आप सभी जानते हैं जीने के लिए हमें भोजन और पानी की आवश्यकता होती है हालांकि हमें ऑक्सीजन उनमें से एक महत्वपूर्ण है हिस्सा है परंतु भोजन और पानी को नकारा नहीं जा सकता है। जिस देश की जनसंख्या अधिक होगी उस देश में भुखमरी की समस्या का उत्पन्न होना लाजमी है क्योंकि जनसंख्या वृद्धि के कारण प्रकृति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है दिन प्रतिदिन पेड़ों को काटा जा रहा है नई-नई फैक्ट्रियों, उद्योग कारखानों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे समय में कभी-कभी प्रकृति द्वारा ऐसी आपदाएं आ जाती हैं कि उनसे भारी मात्रा में जन धन एवं माल की हानि होती है ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर भुखमरी की समस्या का सामना करना पड़ता है अगर किसी देश में जनसंख्या अधिक होगी तो वहां भुखमरी से निपटने के लिए कठिनाई के दौर से सामना करना पड़ेगा इसलिए यह भी जनसंख्या वृद्धि का एक कारण है।

पर्यावरण प्रदूषण की समस्या

पर्यावरण प्रदूषण मानव जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारण है क्योंकि जनसंख्या वृद्धि के कारण ही अनेक प्रकार के उद्योग धंधे, कल कारखाने स्थापित किए जाते हैं और उनसे निकलने वाले धुएँ, गैंसे एवं अपशिष्ट पदार्थ जैसे प्लास्टिक, कूड़ा एवं कचरा एवं मनुष्य द्वारा निर्मित अपशिष्ट पदार्थ पर्यावरण को प्रदूषित करता है इसलिए जनसंख्या वृद्धि का एक कारण यह भी माना जाएगा।

जल प्रदूषण की समस्या

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि “जल ही जीवन है” और इस लाइन को हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं और जल की उपयोगिता को भली भांति समझते हैं परंतु हम जाने अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे हमारा जल भी प्रदूषित होता है और इससे अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं। आपने देखा होगा जब भी हम कभी थक जाते हैं तो सबसे पहले हम पानी पीना ही पसंद करते हैं और यह हमारी सबसे बड़ी जरूरत भी होती है। अगर जल ही प्रदूषित रहेगा तो हम इसका सेवन कैसे कर पाएंगे, कल कारखानों से निकला हुआ अपशिष्ट पदार्थ एवं मनुष्य द्वारा क्या किया गया मल-मूत्र जल में मिलने से जल दूषित होगा और अधिक जनसंख्या होने के कारण अधिक मात्रा में प्रदूषण होगा इसलिए जनसंख्या वृद्धि जल प्रदूषण का एक मुख्य कारण है।

मृदा प्रदूषण

जनसंख्या वृद्धि के कारण मेरा भी प्रदूषित होती है क्योंकि उनके द्वारा निकले हुए अपशिष्ट पदार्थों में मल मूत्र भी शामिल है, बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर मृदा का क्षरण भी होता है एवं बाढ़ में आए हुए अपशिष्ट पदार्थ मृदा में मिलकर के मृदा प्रदूषण जैसी समस्या को उत्पन्न करते हैं इसलिए जनसंख्या वृद्धि का यह भी एक कारण माना जाएगा।

प्राकृतिक आपदा की समस्या 

जनसंख्या वृद्धि के कारण रहने के लिए घर बनाने और कारखानों के निर्माण के लिए आज दिन प्रतिदिन वनों कि कटाई होती जा रही हैं लोग वनों को काटकर घर बना रहें हैं और उद्योग स्थापित कर रहें हैं इस कारण मानव निर्मित आपदा एवं सुनामी, बाढ़, सूखा, जैसी समस्या उत्पन्न हो रही हैं। आज हम भले है कोरोना से लड़ रहें हैं लेकिन इस साल सबसे अधिक महासागरो, समुद्र में आये चक्रवात एवं तूफान सबसे अधिक प्रभावित किये हैं इसलिए प्राकृतिक आपदा में मानव जनसंख्या वृद्धि का एक कारण है |

संसाधनों की समस्या

जैसा कि आप सभी जानते हैं संसाधन एक सीमित मात्रा में हैं और जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है इसलिए जनसंख्या वृद्धि के कारण संसाधनों में कमी जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। और यदि निरंतर ऐसे ही जनसंख्या बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं होगा जब एक मनुष्य दूसरे मनुष्य को मार कर जीने की कोशिश करेगा इसलिए संसाधनों की कमी की समस्या भी जनसंख्या वृद्धि का एक कारण माना जाएगा।

ओजोन परत का क्षरण 

ओजोन परत के क्षरण में जनसंख्या वृद्धि एक प्रमुख कारण है। ओजोन परत पृथ्वी पर आने वाली हानिकारक पराबैगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है। ओजोन परत के क्षरण में क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस सबसे अधिक मात्रा में सहायक है परंतु मानव जनसंख्या को नकारा नहीं जा सकता है क्योंकि हमारी अधिक होने के कारण हमें संसाधनों की आवश्यकता होगी और इसके लिए नए-नए खोज अविष्कार करने की आवश्यकता होती है जिससे अनेक प्रकार की गैस निकलती है उनमें से क्लोरोफ्लोरोकार्बन एक प्रमुख गैस है जो ओजोन परत के क्षरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वास्थ्य की समस्या 

जनसंख्या वृद्धि से मानव के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है इससे अनेक प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं जैसे ऑक्सीजन की कमी,अन्य गैसों की अधिकता, पर्यावरण दूषित होने के कारण विकलांग, मंदबुद्धि, कुपोषण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। इसलिए जनसंख्या वृद्धि के कारण ही स्वास्थ्य की समस्या उत्पन्न हो रही है।

नैतिक मूल्यों में गिरावट एवं अपराध में वृद्धि

 जनसंख्या वृद्धि के कारण नैतिक मूल्यों में गिरावट देखी जा रही है और अपराध में वृद्धि अधिक मात्रा में पाई जा रही है। आज अपराध अपने चरम सीमा पर पहुंच चुका है जनसंख्या अधिक होने के कारण अपराधी को छुपने का जगह मिल जाता है जिससे वह बच निकलता है और बाद में एक नए अपराध को जन्म देता है इस प्रकार की समस्या देखी जा रही है। लोगों में नैतिक मूल्यों का पतन होता जा रहा है जो बाद में चलकर एक गंभीर समस्या बन सकती है और वह दिन दूर नहीं जब हम अपना जीवन बचाने के लिए एक दूसरे मार्केट पर उतर आएंगे, इस प्रकार की समस्या से बचने के लिए  एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नीचे हम कुछ उपाय के बारे में बताएं हैं –

जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण करने के उपाय (Let’s Control Population Growth)

जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण करने के लिए हम 10 उपायों के बारे में नीचे बताये हैं –

परिवार नियोजन शिक्षा

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए परिवार नियोजन कि शिक्षा बेहद आवश्यक है परंतु इससे पहले लोगों को शिक्षित करना भी उतना ही जरूरी है जितना कि परिवार नियोजन के बारे में उन्हें जानकारी प्रदान करना। ज्यादातर लोग गांव में निवास करते हैं इसलिए सरकार को एवं सभी शिक्षित समुदायों गांव के लोगों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि ज्यादातर आबादी गांव में ही पाई जाती है। इसके पीछे की एक वजह है लोगों में शिक्षा की कमी एवं परिवार नियोजन संबंधी जानकारी की कमी |गर्भ निरोधक गोलिया एवं निरोध या कंडोम का उपयोग किया जा सकता है जिससे की परिवार नियोजन किया जा सके।

जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर

जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना बेहद आवश्यक है इससे लोगों के अंदर जागरूकता उत्पन्न होगी और सरकारी सेवाओं से वंचित करने पर विशेष रुप से ध्यान देंगे और हम दो हमारे दो जैसी सोच को विकसित करेंगे और इससे ही जनसंख्या पर नियंत्रण आसानी से किया जा सकता है इसलिए सरकार को भी चाहिए कि वह प्रत्येक कर राज्य और क्षेत्र में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू कर दे |

शिक्षा का प्रसार

शिक्षा का प्रसार करने के लिए सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देना चाहिए और लोगों के अंदर समझ को विकसित करना चाहिए जिससे अपने बच्चे को उचित पढ़ाई करवा सकें और आसानी से रोजगार पा सके इससे हम जनसंख्या पर नियंत्रण भी कर लेंगे और ऐसे परिवार में रोजगार की भी समस्या खत्म हो जाएगी इस प्रकार से हम धीरे-धीरे करके बेरोजगारी को भी खत्म कर सकते हैं तथा रोजगार के अवसर जनसंख्या नियंत्रण कानून के आधार पर करना चाहिए जिससे लोग शिक्षित हो सके. ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विशेष प्रबंध करना चाहिए और महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।

महिला शिक्षा में सुधार

किसी परिवार को चलाने के लिए महिला का विशेष योगदान होता है और महिलाएं बच्चों की अच्छी परवरिश भी करती हैं देखरेख भी करती हैं और उन्हें सही गलत का ज्ञान भी देती है इसलिए जरूरी है कि महिलाओं को इस सबसे पहले सूचित किया जाए। अगर किसी महिला की शादी कम उम्र में होती है तो वह भी अपने परिवार को जागरूक कर सकती है कि जितनी कम बच्चे होंगे उतनी सुविधाएं अधिक होंगे और उनकी पढ़ाई लिखाई अथवा अन्य प्रकार के संसाधन में आसानी से उन्हें मिल पाएंगे किस प्रकार महिला को शिक्षित करना बहुत जरूरी है |

यौन शिक्षा को बढ़ावा

जनसंख्या पर नियंत्रण पाने के लिए यौन शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि अगर किसी व्यक्ति के पास थोड़ी भी समझ विकसित हो जाएगी तो वह एक या दो से अधिक बच्चे पैदा नहीं करेगा। यौन शिक्षा को विकसित करने के लिए इसका कुछ अंश पाठ्यक्रम में शामिल कर देना चाहिए और घर के गार्जियन को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों को बिना किसी डर के योन की शिक्षा दें जिससे उन्हें सही जानकारी हो सके और वह उचित समय आने पर ही अपनी शादी करेंगे जिससे आगे चलकर हुआ अभी इसी प्रकार से शिक्षा को आगे तक लें जायेंगे। 

विवाह की उम्र में वृद्धि

मेरी अपील महिलाओं से हैं अगर आपकी शादी कम उम्र में भी होती है तो वह अपने परिवार को समझाएं और अपने अंदर समझ को विकसित करें कि कम उम्र में बच्चा पैदा करने पर गर्भाशय में विकसित ना होने के कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. दुनिया भर में प्रतिदिन 800 महिलाओं की मौत सिर्फ बच्चे पैदा करने के दौरान होती है इसका मुख्य कारण यह भी होता है कि उनकी उम्र कम होती है और उनका शारीरिक विकास पूर्ण रूप से नहीं हुआ होता है. इनमें कुछ ऐसी महिलाएं भी होती है जो कुपोषण जैसी समस्याओं का शिकार होती हैं इस कारण से भी उनकी मृत्यु हो जाती है परंतु हमें डरने की आवश्यकता नहीं है हम चाहे तो जनसंख्या पर नियंत्रण कर सकते हैं। सरकार भी चाहे तो शादी की उम्र को बढ़ा सकती है।

चिकित्सा में बदलाव

चिकित्सा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए ज्यादा से ज्यादा हॉस्पिटल खोलने पड़ेंगे और इसके लिए अच्छे डॉक्टर तभी बन पाएंगे जब उन्हें अच्छी पढ़ाई और ट्रेनिंग दी जाये। सरकार को शिक्षा में बदलाव लाने की अवश्यकता है और सभी चिकित्सा सम्बन्धी सभी औजारों और संसाधनों की उपलब्धता भी होनी चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण एवं गर्भपात के बारे में सरकार को निर्णय लेना चहिये भले है गलत हो लेकिन पर्यावरण और संस्कृति को बचाना है तो प्रयास करना ही चाहिए।

संतान उत्पत्ति की सीमा निर्धारित करना

सरकार को जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगाने के लिए संतान उत्पत्ति की सीमा निर्धारित करनी चाहिए और इसे कठोरता से लागु भी करना चाहिए। 2 से ज्यादा बच्चा पैदा करने पर पूर्णतः रोक लगा देनी चाहिए और ऐसा करने पर सरकारी सेवाओं पर अंकुश लगाना चाहिए आदि जों सरकार कर सकती है करनी चाहिए जिससे जनसंख्या नियंत्रण किया जा सके।

सामाजिक सुधार आंदोलन

समाज सेवी एवं समाज सुधारक के साथ मिलकर अभियान चलाकर भी लोगों को जागरूक किया जा सकता है जिससे लोग कम बच्चा पैदा करें उन्हें इसके बारे में बताना होगा की जितने कम बच्चे होंगे आप उतनी ही सुविधाएं उसे दें पाएंगे और बेरोजगार होने से बचा सकते हैं इतना ही नहीं आप सुखी जीवन जी सकते हैं सरकार की सुविधाओं का लाभ कमा सकते हैं आदि बातें बताने से सफलता मिल सकती है।

सामाजिक शिक्षा एवं परिवारिक शिक्षा

सामाजिक शिक्षा एवं परिवारिक शिक्षा देने की आवश्यकता है जिससे अच्छे समाज एवं परिवार का निर्माण किया जा सके। लोगो को जागरूक करने में मदद मिल सकती है तथा समाज में इसका प्रचार प्रसार करके शिक्षित किया जा सकता और जनसंख्या नियंत्रण इस प्रकार से किया जा सकता है।

जनसंख्या शिक्षा

जनसंख्या की शिक्षा से अर्थ है समाज में लोगों लो इसके बारे में जानकारी देना कि जनसंख्या कितनी बाढ़ गयी है और संसाधनों कि कमी हो रही है महंगाई बाढ़ रही है बेरोजगारी कि समस्या तेजी से बाढ़ रही है तो लोग जागरूक होंगे और संख्या को नियंत्रण करने के तरीको पर जोर देकर जनसंख्या पर नियंत्रण किया जा सकता है |
उपरोक्त सभी समस्याओं के अलावा भी अन्य समस्याएं हो सकती है जो जलवायु या जल जीवन को प्रभावित करती हो या कर सकती है और नियंत्रण के अन्य तरीके भी है और हो सकते हैं तो आप इस ब्लॉग वेबसाइट पर ऐसे निबंध एवं परीक्षा कि तैयारी से जुड़े लेख तथा मटेरियल पा सकते हैं इसलिए VISIT करते रहें औरों को बताएं इसे SHARE करके।

FAQs

Q. जनसंख्या वृद्धि क्या है ?
Answer :  किसी क्षेत्र में निवास करने वाली जनसंख्या द्वारा जन्म लेने वाले जनसंख्या में से मृत्यु जनसंख्या घटाने पर ज्ञात जनसंख्या में वृद्धि कहलाती है।

Q. जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाना क्यों जरुरी है ?
Answer : क्योंकि जनसंख्या वृद्धि के कारण अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं जैसे – पर्यावरण प्रदूषण, संसाधनों की कमी, जल जीवन अस्त – व्यस्त आदि।

Q. विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है ?
Answer : 11 जुलाई को
Q. पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया गया ?
Answer : 11 जुलाई 1987
Q. वर्ष 2018 में world population day की थीम क्या थी ?
Answer : “Family planing was a humen right
Q. अभी हाल ही में किस राज्य ने 2 चाइल्ड पॉलिसी लाने का निर्णय लिया है ?
Answer : उत्तर प्रदेश.