संस्कृत भाषा एवं शिक्षणशास्त्र (Sanskrit Language and Pedagogy)
संस्कृत भाषा एवं शिक्षणशास्त्र (Sanskrit Language and Pedagogy) शिक्षक पात्रता परीक्षाओं जैसे CTET, UPTET, STET, REET आदि का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। CTET और UPTET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में Sanskrit Language and Pedagogy एक स्कोरिंग विषय माना जाता है। इन परीक्षाओं में संस्कृत से लगभग 30 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो कुल 30 अंकों के होते हैं। सही रणनीति और नियमित अभ्यास के साथ इन प्रश्नों से आसानी से अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास किस प्रकार होता है तथा शिक्षक को किस तरह बच्चों की रुचि, क्षमता और स्तर के अनुसार शिक्षण कार्य करना चाहिए। पियाजे, वाइगोत्स्की, कोहलबर्ग, ब्रूनर जैसे मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांत इस विषय की रीढ़ माने जाते हैं, जो परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
तैयारी कैसे करें?🎯
सबसे पहले संस्कृत का पूरा सिलेबस समझें। व्याकरण के नियमों को चार्ट और उदाहरणों के साथ याद करें। शिक्षणशास्त्र के टॉपिक्स जैसे भाषा शिक्षण की विधियाँ, उद्देश्य और मूल्यांकन पर विशेष ध्यान दें। साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट का अभ्यास करें। यदि hand Written Notes चाहिए तो Chandra Institute Notes बेस्ट हो सकते है। सफलता के लिए नियमित रूप से रिवीजन करें।
Mock Test क्यों ज़रूरी है?🎯
संस्कृत के मॉक टेस्ट वास्तविक परीक्षा जैसा अभ्यास कराते हैं। इससे प्रश्नों के पैटर्न, समय प्रबंधन और अपनी कमजोरियों को पहचानने में मदद मिलती है। नियमित मॉक टेस्ट देने से संस्कृत व्याकरण और शिक्षणशास्त्र पर पकड़ मजबूत होती है।
Mock Test और Notes कहाँ मिलेंगे?🎯
Sanskrit and Pedagogy के महत्वपूर्ण नोट्स और मॉक टेस्ट आपको allindiafreetest.com वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यहां के “Mock Test” Section में विषयवार टेस्ट, अभ्यास प्रश्न और उपयोगी अध्ययन सामग्री मिलती है, जो परीक्षा की तैयारी को आसान और प्रभावी बनाती है। नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन से इस विषय में सफलता निश्चित है।