बाल विकास की अवस्थाएं | Stages of Child Development Free Notes

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Stages of Child Development : इस लेख में आप बाल विकास की अवस्थाएं, बाल विकास की कितनी अवस्थाएं है? के बारे में जानेंगे। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने अपने अलग अलग मत दिए है। UPTET, CTET, STET और अन्य टीचिंग परीक्षा के लिये बाल विकास एक महत्वपूर्ण विषय भी है। यदि आप ebook डाउनलोड करना चाहते है तो यहां क्लिक करें। आईये अब जानते है बाल विकास की प्रमुख अवस्थाएं कौन कौन सी है।

बाल विकास की अवस्थाएं – Stages of Child Development

बच्चे का विकास उसकी माँ के गर्भ से ही शुरू हो जाता है और मृत्यु तक चलता रहता है। लेकिन बालक का विकास प्रत्येक अवस्था में एक समान नहीं होता है। बालक के विकास की अवस्थाओं को लेकर मनोवैज्ञानिकों में मदभेद रहें है।

बाल विकास की अवस्थाएं – Stages of Child Development in Hindi

बालविकास की चार अवस्थाएं निम्नलिखित है।

  •  Infancy (शैशवावस्था) – (0 से 2 वर्ष)
  • Early Childhood (पूर्व बाल्यावस्था) – (3 से 6 वर्ष )
  • Later Childhood (उत्तर बाल्यावस्था) – (6 से 12 वर्ष)
  • Adolescence (किशोरावस्था) – (12 से 18 वर्ष)

Prenatal Stage (प्रसवपूर्व अवस्था)

  • बच्चा अपनी मां के गर्भ में होता है यानि कि जन्म से पूर्व के समय को प्रसवपूर्व अवस्था कहते है।
  • इसकी अवधि 280 दिन (40 सप्ताह / 9 महीने) का होता है। इस समय बच्चे का विकास सबसे तेजी से होता है।
बाल विकास की अवस्थाएं - Stages of Child Development in Hindi
Stages of Child Development in Hindi

1. Infancy ( शैशवावस्था) –

बच्चे के जन्म से 2 वर्ष तक का समय शैशवावस्था काल कहा जाता है। इसमें बच्चे का शारीरिक विकास तेजी से होता है। बच्चा अपनी इंद्रियों के द्वारा बात कहता है।

Early Childhood (पूर्व बाल्यावस्था)

यह समय 2 से 6 वर्ष तक का होता है। इस काल में बच्चा आत्म केंद्रित (self Centric) होता है। इसे खिलौने की उम्र (Toy Age) कहते हैं। क्योंकि ज्यादा समय वो खिलौनों के साथ खेलने में बिता देता है। भाषा विकास के लिए इसे संवेदनशील काल कहते है।

Later Childhood (उत्तर बाल्यावस्था)

इसमें बालक की उम्र 6 वर्ष से 12 वर्ष तक की होती है। इसे gang Age भी कहते है क्योंकि इस समय बच्चा टोली में रहना पसंद करता है। मिथ्या परिपक्वता का काल किसने कहा – रॉस ने।

Adolescence (किशोरावस्था)

इसमें बालक की उम्र 12 से 18 वर्ष तक होती है। इसे स्टेनले हाल ने तनाव एवं तूफान की अवस्था कहा है। क्योंकि बालक इस अवस्था में चंचल प्रवृत्ति के होते है। इसमें बालक की तार्किक सोच (logical thinking) विकसित होती है।

Adulthood (वयस्कावस्था)

इसमें उम्र 18 वर्ष से अधिक होती है।  इसमें बौद्धिक परिपक्वता का विकास हो जाता है। गलत और सही की पहचान करना आ जाता है। यह जीवन का आधार होती है जिसमें बच्चा समाज में साथ खुद को इंट्रेक्ट कर पाता है।

 

Ponit :-

बाल विकास की अवस्थाएं कौन कौन सी है.

बाल विकास की अवस्थाएं हिंदी में

बाल विकास की कितनी अवस्थाएं है

बाल विकास की चार अवस्थाएं कौन सी है।

 

निष्कर्ष :- इस लेख में बाल विकास की अवस्थाएं (Stages of child Development Hindi) के बारे में जानकारी दी गयी है यदि आपका कोई सुझाव या प्रश्न है तो कमैंट्स में पूछें।

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