सुंदरलाल बहुगुणा जीवन परिचय हिन्दी | Sundar Lal Bahugura Biography in Hindi

Join whatsapp group Join Now
Join Telegram group Join Now

सुंदरलाल बहुगुणा जीवन परिचय हिन्दी | Sundar Lal Bahugura Biography jeevni

भारत के पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा का जन्म 9 जनवरी 1927 को उत्तराखंड के मरोड़ा नामक स्थान पर हुआ था | सुंदरलाल बहुगुणा को चिपको आंदोलन के लिए जाना जाता है | इनकी पत्नी का नाम विमला है | सुंदरलाल बहुगुणा को वृक्ष प्रेमी भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पर्यावरण से बहुत ही ज्यादा लगाव था और यह लगाव हर व्यक्ति में होना चाहिए अपने पर्यावरण को बचाने के लिए |
इस कोविड-19 काल में सर सुंदरलाल बागोड़ा कोरोना से संक्रमित हो गए और इलाज के दौरान इनकी मृत्यु हो गई | हालांकि यह बातें मीडिया में बताई गयी है |
सुंदरलाल बहुगुणा ने चिपको आंदोलन के साथ-साथ किसानों के लिए भी आंदोलन का सफर तय किया |

सुंदरलाल बहुगुणा का परिवार

सुंदरलाल बहुगुणा के पिता का नाम अंबा दत्त बहुगुणा और उनकी माता का नाम पूर्णा देवी बताया जाता है | इनकी पत्नी का नाम विमला नौटियाल था | सुंदरलाल बहुगुणा के बेटों के नाम राजीव नयन बहुगुणा, प्रदीप बहुगुणा एवं बेटी माधुरी पाठक  है |
सुंदरलाल बहुगुणा ने चिपको आंदोलन के साथ किसानों के लिए आंदोलन और दलित वर्ग के लोगों के लिए भी आंदोलन किया क्योंकि इन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी  और इन्हें प्रवेश की अनुमति भी मिली | सुंदरलाल बहुगुणा ने दलित वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई |
वर्ष 1949 में मीराबेन व टक्कर बप्पा से बहुगुणा की मुलाकात हुई और यही से इन्होंने आंदोलन की शुरुआत भी की ना कि वर्ष 1956 में इनकी शादी होने के बाद इन्होंने राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने की कोशिश भी की परंतु इन्होंने लोगों के लिए लड़ना नहीं छोड़ा उसके लिए आंदोलन करते रहे
सुंदरलाल बहुगुणा ने 107 देशों तक अपने आंदोलन प्रचार प्रसार किया और जब भी कोई वृक्ष काटा जाता तो यह आगे आकर लेट जाते और कहते हैं पहले मुझे काटो इसके बाद इस पेड़ को काटना इसलिए चिपको आंदोलन के नाम से भी जाना गया |

सुंदरलाल बहुगुणा से जुड़े 15 अनोखी बातें

  1. मात्र 13 वर्ष की उम्र में ही बाल्यावस्था काल में  राजनीति और आजादी के आंदोलन में खुद को समर्पित कर दिया |
  2. चिपको आंदोलन की शुरुआत सुंदरलाल बहुगुणा ने की |
  3. इनके पिता अंबा दत्त बहुगुणा टिहरी रियासत में एक वन अधिकारी थे |
  4. वर्ष 1947 में इन्होंने बीए ऑनर्स की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास किया और टिहरी रियासत के खिलाफ बने प्रजा मंडल में शामिल हो गए और इन्हें मंत्री भी बनाया गया |
  5. पदम श्री अवार्ड से भी सम्मानित किया गया लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया |
  6. 74 दिन तक इन्होंने भूख हड़ताल की शराबबंदी पर्यावरण संरक्षण और टिहरी बांध के विरोध में वर्ष 1986 में इन्होंने ऐसा किया |
  7. दलित वर्ग के लोगों को मंदिरों में प्रवेश के लिए भी भूख हड़ताल एवं आंदोलन किया |
  8. पर्यावरण को स्थाई संपत्ति मानने वाले यह महापुरुष “पर्यावरण गांधी” के नाम से भी जाने गए |
  9. वर्ष 1981 में पदम श्री से सम्मानित किया गया |
  10. अंतरराष्ट्रीय सम्मान के रूप में 1981 में स्टॉकहोम द्वारा वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार दिया गया|
  11. वर्ष 1987 में सरस्वती सम्मान से भी सम्मानित किया गया |
  12. वर्ष 1987 में शेर ए कश्मीर पुरस्कार से भी इनको सम्मानित किया गया |
  13. वर्ष 1998 में इन्हें पहल पुरस्कार से सम्मानित किया गया |
  14. वर्ष 1999 में गांधी सेवा सम्मान भी ने दिया गया |
  15. वर्ष 2001 में इन्हें पदम विभूषण से सम्मानित किया गया |
सुंदरलाल बहुगुणा खुले विचारों के व्यक्ति थे और उन्होंने अपने जीवन में अनेक अथक प्रयास किया इसलिए इन्हें अनेक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया |
THANK YOU
www.allindiafreetest.com

1 thought on “सुंदरलाल बहुगुणा जीवन परिचय हिन्दी | Sundar Lal Bahugura Biography in Hindi”

Comments are closed.